हर एक जमशेदपुर वासी का योगदान है ज़रूरी

।। जमशेदपुरिया ज़रूरी है ।।

डर रहे हो आज अगर,
तो लड़ाई अभी बाकी है।
न हो अगर भेद भाव,
तो जीत हमारी एकता की है।
चले हो आधी राह तुम,
डर कर अभी हारना नहीं है।
लड़ाई है हमारी कोरोना के साथ,
पेट की इस आग में उलझना नहीं है।

RHA Jamshedpur | Artwork by @jay.kreatives

भूख मिटेगी हर घर की,
इस संकल्प पर अड़ना ज़रूरी है।
काला बादल है छाया कोरोना का,
इस काली बद्री का छटना ज़रूरी है।
होगी मुसलाधार बारिश,
थोड़ी देर घर मे रहना ज़रूरी है।
तारे बहुत से है आसमान में,
पर दिन में उगने वाले सूरज एक है।
बांटने वाले बहुत है देश में,
1500 करोड़ देने के बाद भी न रुकने वाला एक है।

कहता है ज़माना छोटे नगर से है ये,
छोटा इनका दिल है।
आज भारत को टिकाए रखा है जिस स्टील ने,
वो हमारा टाटा स्टील है।
उगेगा एक नया सूरज हिंदुस्तान में बस हिंदुस्तानियों, का भरोसा ज़रूरी है।
इस मुश्किल घड़ी में..
जमशेदपुर वासियों की मदद करने वाला,
हर एक जमशेदपुरिया ज़रूरी है।।

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These superb lines has been crafted by

Jaydeep Bhakat

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