Japan Journey Of Being Self Dependent

भारत में लोग आत्मनिर्भर होने की बात करते है, लेकिन ऐसा करना कितना मुश्किल है। चलिए उस देश से सीखते है जिसने परमाणु बम से लेकर कई प्राकृतिक आपदाओ को झेलने के बाद न केवल रिकवर किया बल्कि आज दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी है।

जापान एक वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनने के लिए युद्ध की राख से उठकर बीसवीं सदी के इतिहास में सबसे अभूतपूर्व कहानियों में से एक है।

जापान का इतिहास भूकंप, आग, सुनामी, तूफान, फसल की विफलता और महामारी से भरा हुआ रहा है। बार-बार होने वाली त्रासदी के वावजूद भी वे अपनी मेहनत और लगन से जापान को फिर से पहले की तरह बनाते है, जो जापान की एक अनूठी संस्कृति का स्वरूप दर्शाती है।

जापान का इतिहास वैसे तो काफी दिलचस्प है, परन्तु कुछ घटनाए ऐसी भी है जो जापान के इतिहास में काला दिन के बराबर मानी जाती है। उनमे से एक है, हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु हमला ओर दूसरा है सुनामी।

सन 1945, छह अगस्त को सुबह करीब 8 बजे हिरोशिमा पर परमाणु बम से हमला हुआ। हमला इतना खतरनाक था कि, इसकी वजह से पल भर में ही 80 हजार से ज्यादा लोगो की मौत हो गई। हिरोशिमा अभी एक परमाणु हमले से उबरा ही नही था कि तीन दिन बाद 9 अगस्त को नागासाकी पर सुबह करीब 11 बजे एक और बम गिराया गया। इस हमले में तकरीबन 40 हजार लोगो की जान गई थी। विस्फोट के बाद रेडियोएक्टिव पदार्थ की वजह से काली बारिश हुई थी जिसकी वजह से दोनो शहरों में के हजार लोगों की मौत हो गयी।

दूसरी सबसे बड़ी घटना, जो जापान के इतिहास में सबसे विनाशकारी साबित हुआ है, वह है- सुनामी। 11 मार्च, 2011, प्रशांत महासागर में मियागी प्रान्त के लगभग 80 मील की दूरी पर हुआ। भूकंप इतना शक्तिशाली था कि जापान का मुख्य द्वीप होन्शु, संयुक्त राज्य की ओर कुछ 8 फीट पूर्व की ओर स्थानांतरित हो गया। भूकंप की वजह से जापान की उत्तर-पूर्वी तट पर आने वाली सुनामी लहरें भड़क उठीं।

सरकार के अनुसार, जापान के तट पर आई सबसे ऊंची सुनामी लहर, 16.7 मीटर या लगभग 55 फीट की ऊंचाई पर, इवाते प्रीफेक्चर के टुनैटो मियाको शहर में, कुछ स्थानों पर कई मील अंतर्देशीय यात्रा की थी। जापानी सरकार के अनुसार, लगभग 16,000 लोग मारे गए और लगभग 2,600 अन्य लोग आपदा से लापता हैं। आज, लगभग 174,000 लोग अपने घरों से विस्थापित हैं और लगभग 60,800 अस्थायी आवास में रहते हैं।

फुकुशिमा दाइची परमाणु संयंत्र में भूकंप और सुनामी ने भी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, जिससे परिसर में तीन रिएक्टरों की मंदी हो गई।

सिर्फ इतना ही नही जापान में आये दिन हमे कई प्राकृतिक आपदाओ यानी भूकंप जैसी घटनाएं सुनने को मिल जाती है। परंतु इसके कुछ दिन के बाद ही जापान काफी कम समय मे चीज़ों को पहले की तरह कर देती है। इतने परमाणु हमले ओर आपदाओ के बाद भी इस देश ने हार नहीं मानी, बल्कि पुनः अपनी मेहनत के बल पर जापान ने विश्व में अपना सिक्का जमाया। किसी भी समाज के आगे बढ़ने में लोगों की ही भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। तो आइए आज हम उन अहम पहलुओं पर विचार करेंगे जिसकी वजह से जापान आज विश्व भर में एक मजबूत अर्थव्यवस्था वाली देश के रूप में जाना जाता है।

Promote Things Which Is Made In Their Own Country

जापान की अर्थव्यवस्था आज पूरी दुनिया मे तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, इसका सबसे बड़ा कारण है वहां के लोगो का अपने देश मे बने उत्पादों का उपयोग करना। जी हां जापान के लोग विदेशी चीज़ों के बजाय देसी चीज़ों में अपनी रुचि ज्यादा दिखाते है। यही कारण है जापान के उत्पादों की गुणवत्ता सबसे बेहतर होती है। हर वह चीज़ जो वे बनाते है उनका एक मानक होता है। विश्व अर्थव्यवस्था में जापान की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति पर विभिन्न नीति विकल्पों के प्रभाव का अनुमान लगाना जापानी नेताओं की अपेक्षा व्यवहार की आदतों में से एक है।

Automobile Industry:

Japanese Auto Mobile Industry दुनिया में प्रसिद्ध और सबसे बड़े उद्योगों में से एक है। जापानी वाहन निर्माता हमेशा Product Enhancement, Technological Innovation और Safety Improvement पर ज्यादा ध्यान देते हैं। विश्वसनीय, सुरक्षित और सख्त वाहनों का निर्माण करके, जापानी दुनिया में प्रसिद्ध और सबसे बड़े उद्योगों में से एक है। जापानी वाहन निर्माता हमेशा Product Enhancement, Technological Innovation और Safety Improvement पर ज्यादा ध्यान देते हैं। विश्वसनीय, सुरक्षित और सख्त वाहनों का निर्माण करके, जापानी निर्माता लाखों लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। काफी निचले स्तर से उठाकर, आज जापानी ऑटो उद्योग दुनिया में सबसे सम्मानित और लोकप्रिय विनिर्माण उद्योगों में से एक में विकसित हुआ है। जापानी वाहनों की डिमांड से वाहन निर्माताओं के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है।

जापानी निर्माता ऑटोमोबाइल के हर क्षेत्र में आगे हैं, चाहे वह Technology, Sales या Production हो। दुनिया के दस टॉप कार निर्माताओं में से लगभग छह जापानी कंपनी ही हैं। Toyota, Nissan, Honda, Suzuki, Mitsubishi कुछ लोकप्रिय जापानी कार निर्माता हैं। जापानी कार निर्माता शुरू से ही एक ऐसी जगह तक पहुँचने के लिए मेहनत करते रहे है, जहाँ वे आज हैं।

Prepared To Follow The Westernization

पश्चिमी देशों में, खासकर संयुक्त राज्य अमेरिका पहले ही विश्व बाजार में अपनी पकड़ मजबूत बनाने में सफल रहा है। वे चीज़ों को अपने स्वयं के सरोकारों, अपनी जरूरतों और चाहतों के हिसाब से बनाते है। अगर कोई मार्किट में अपनी जगह बनाने चाहे तो वे कभी तैयार नही होते, और अगर कोई प्रस्ताव लाये तो, केवल विरोध करते है। इस सब के बावजूद जापान इन घरेलू अग्रिमों के परिणामस्वरूप, पश्चिमी देशो से चुनौती लेने के लिए जापान अच्छी तरह से तैनात था। इसने अपने बुनियादी ढाँचे, साक्षरता के अपने उच्च स्तर और इसके प्रोटो-इंडस्ट्रियल डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्कों को ऊर्जा के उत्पादन में पश्चिमी संगठनात्मक रूपों और पश्चिमी तकनीकों के अनुकरण के काम में ला दिया, पहला और सबसे आगे कोयला और दूसरे जीवाश्म ईंधन जैसे अकार्बनिक ऊर्जा स्रोतों को तैयार करने के लिए। शक्ति, हवा, पानी और आग जैसे प्राकृतिक ऊर्जा प्रवाह के आधार पर जैविक अर्थव्यवस्था का गहन विकास करने के बाद, जापानियों ने अकार्बनिक उत्पादन में महारत हासिल करने के लिए काफी तैयारी की थी, क्योंकि अमेरिकियों के ब्लैक शिप्स ने जापान को लंबे समय से चली आ रही निरंकुशता का सामना करने के लिए मजबूर किया था।

Hardworking And Discipline

जापान के लोग काफी मेहनती तथा अनुशासित होते है। बचपन से ही उन्हें अपना काम स्वयं करने की हिदायत दी जाती है। वे काफी Punctual होते है। जापानी समाज में समय की महत्व को कम करना काफी मुश्किल है। जापान की कुछ खास बातें जो उन्हें सारे देशों से अलग तथा सफल बनाती है। वह है- Hardworking, Discipline, Polite, Punctual और Respectful। जापानी बच्चों को स्कूल में कम उम्र से समय की पाबंदी का अत्यधिक महत्व दिया जाता है।

इसका सबसे बड़ा उदाहरण जापान ने फिर से कोरोनाकाल के समय मे पेश किया है। बिना सख्त Lockdown के ही कोरोना को हराया है। जापान में कुल कोरोना के मामलों की संख्या सिर्फ 16 हज़ार है, और वहां कोरोना से केवल 860 लोगों की ही जान गयी है। जापान ने यह सबकुछ तब कर दिखाया जब देश में कड़ा लॉकडाउन लागू किया ही नहीं गया। जापान में अप्रैल महीने में कोरोना के मामले Peak पर पहुंचे थे। तब देश भर में लॉकडाउन कर दिया गया था। हालांकि, अब लॉकडाउन को पूरे तरीके से खोल दिया गया है। यह जापान के बाद अनुशासित और जागरूक लोगों के कारण ही संभव हो पाया है, जिसका पूरी दुनिया के लोगों को अनुसरण करना चाहिए।

इन सब के अलावा कई जापानी कंपनीयाँ जैसे Honda, Matsushita, Panasonic, Sony जो पूरे दुनिया भर में सफल रही। इसके अतिरिक्त दुनियाभर में काफी प्रचलित गेम Mario जापान की ही देन हैं।

जापानियों ने जो जज्बा और जोश हर बार दिखाया हैं। अब तो टेक्नोलॉजी के बल पर वे अपने देश को काफी आगे ले जा रहे हैं। जापानी लोगों से जिंदगी का अनुशासन और काम के प्रति ईमानदारी सीखने जैसी है। वे जिस लगन और पूर्णता के साथ काम करते हैं वह पूरी दुनिया को देखने और सीखने लायक है।

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