पूर्वी सिंहभूम के वह एयरपोर्ट जिसे World War 2 में एयरफोर्स ने किया था इस्तेमाल

Chakulia and Dalbhumgarh Airport of East Singhbhum (Jamshedpur) played a major role during World War 2. These Airport are used by Bombardment Squad for Bombarding in Japan During World War 2. Chakulia airport was also used by Indian Air Force during 1962 Indo-China War and 1971 Pakistan War for the liberation of Bangladesh.

अगर जिले में एयरपोर्ट की बात करें तो सबसे पहले हमारे जेहन में सोनारी एयरपोर्ट का ही नाम आता है। लेकिन बहुत कम लोगों को ही पता है कि एक समय जिले के सोनारी एयरपोर्ट के अलावा और दो एयरपोर्ट हुआ करते थे और उन दोनों एयरपोर्ट ने World War 2 के अलावा Indo-China War में अहम भूमिका निभाई थी। इस पोस्ट में आज हम उन्हीं 2 एयरपोर्ट और उनके योगदान की बात करेंगे।

1. चाकुलिया एयरपोर्ट (Chakulia Airport)

चाकुलिया एयरपोर्ट जमशेदपुर शहर से लगभग 90 किलोमीटर दूर महुआबेड़ा में स्थित है। यह एयरपोर्ट लगभग 525 एकड़ में फैला हुआ है। एयरपोर्ट का रनवे 2.5 किलोमीटर लम्बा है, World War 2 के समय बमबारी करने वाले विमान यहां से उड़ान भरा करते थे।

चाकुलिया एयरपोर्ट का निर्माण 1942 में ब्रिटिश द्वारा किया गया था। World War 2 के समय इसका इस्तेमाल  ब्रिटिश और अमेरिकी सेना ने बर्मा, थाईलैंड और जापान पर हमला करने के लिए एवं चीन के इलाकों में समान पहुँचाने के लिए किया।

इस एयरपोर्ट को मुख्य रूप से अमेरिकी युद्धक विमान Consolidated B-24 Liberator के लिए डिज़ाइन किया गया था। यह विमान बमबारी में माहिर थी। इस एयरपोर्ट का इस्तेमाल मुख्य रूप से सेना के Bombardment Group द्वारा किया जाता था। जो यहां से विमान उड़ाकर बर्मा में पुल, रोड, रेलवे लाइन पर बम गिराते थे ताकि जापान सेना को मदद पहुँचने में देर हो सके। ब्रिटिश सेना द्वारा 1945 में आखरी बार इसका इस्तेमाल किया गया था। आज भी वहां पर हथियार रखे जाने वाले गोदाम के अवशेष मौजूद है।

इसके बाद साल 1962 में चीन के साथ हुए युध्द और 1971 में बांग्लादेश की मुक्ति के लिए पाकिस्तान से हुए युद्ध में Indian Airforce ने इसका इस्तेमाल किया था। साल 2006 में इसे नॉन ऑपरेशनल घोषित कर दिया गया। इसके बाद साल 2015 में इंडियन एयरफोर्स ने झारखंड सरकार से इस एयरपोर्ट को अधिग्रहण कर विकसित करने की मंजूरी मांगी थी।

2. धालभूमगढ़ एयरपोर्ट (Dalbhumgarh Airport)

धालभूमगढ़ एयरपोर्ट जमशेदपुर शहर से 60 किलोमीटर दूर है। चाकुलिया एयरपोर्ट की तरह धालभूमगढ़ एयरपोर्ट का इस्तेमाल में ब्रिटिश सेना ने World War 2 में किया था। यह एयरपोर्ट भारत के पूर्वी क्षेत्रों में स्थित अन्य हवाई क्षेत्रों के लिए सहायक रनवे का काम करती थी। इसका इस्तेमाल मित्र देशों की सेनाओं द्वारा जापान की सेना से लड़ने में किया जाता था ताकि चीन के साथ परिवहन संपर्क बनाए रखा जा सके।

राज्य में एयरपोर्ट की जरूरत को देखते हुए साल 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ मिलकर एयरपोर्ट को विकसित करने का MoU किया था। जिसके तहत 100 करोड़ रुपये की लागत से एयरपोर्ट को विकसित करने की बात कही गयी थी। इसमें 545 एकड़ में एयरपोर्ट बनाने के साथ पहले चरण में 2143 मीटर लम्बा और 30 मीटर चौड़ा रनवे के अलावा टर्मिनल बिल्डिंग बनाने का प्रावधान है। पहले चरण में ATR-72 एयरक्राफ्ट उतरने के लिए डिज़ाइन किया गया है। बाद में रनवे को 4400 मीटर लम्बा करने की बात कही गयी है।

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